राँची HC में सरकार का पक्ष मजबूती से नहीं रखने का आरोप, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच 21 अगस्त को करेगा पुतला दहन
Posted on August 20, 2026 by
BiharTalkies
News and Politics
राँची HC में सरकार का पक्ष मजबूती से नहीं रखने का आरोप, JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच 21 अगस्त को करेगा पुतला दहन
रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी और हाईकोर्ट में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखने का आरोप लगाया है। इसी नाराजगी में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने 21 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में सरकार का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने 20 अगस्त को 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है।
इस फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्र नेताओं ने सरकार की कानूनी पैरवी पर सवाल उठाए। छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह का आरोप है कि सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल पेश नहीं हुए और सरकार का पक्ष प्रभावी तरीके से नहीं रखा गया। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार ने परीक्षाओं में गड़बड़ी के आधार पर कार्रवाई की है, तो अदालत में भी उस फैसले के पीछे के तथ्यों और जांच के आधार को मजबूती से रखना चाहिए था।
छात्रों का कहना है कि वे करीब 26 दिनों तक धरना और भूख हड़ताल पर बैठे रहे। सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन को स्थगित किया गया था, लेकिन अब अदालत में सरकार की भूमिका को लेकर उनके मन में फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपने आश्वासनों पर ठोस कार्रवाई नहीं की और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में छात्रों की मांगों के अनुरूप प्रभावी पैरवी नहीं हुई, तो आंदोलन को दोबारा व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा। मंच ने 21 अगस्त के पुतला दहन को आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत बताया है।
छात्र नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर राज्यभर से छात्रों को रांची बुलाकर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है। ऐसे में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद अब सिर्फ भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच भरोसे की अगली बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिख रहा है। आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार पर वादाखिलाफी और हाईकोर्ट में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखने का आरोप लगाया है। इसी नाराजगी में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने 21 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में सरकार का पुतला दहन करने का ऐलान किया है।
दरअसल, झारखंड हाईकोर्ट ने 20 अगस्त को 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 15 सितंबर तक का समय दिया है।
इस फैसले के बाद आंदोलनकारी छात्र नेताओं ने सरकार की कानूनी पैरवी पर सवाल उठाए। छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह का आरोप है कि सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल पेश नहीं हुए और सरकार का पक्ष प्रभावी तरीके से नहीं रखा गया। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार ने परीक्षाओं में गड़बड़ी के आधार पर कार्रवाई की है, तो अदालत में भी उस फैसले के पीछे के तथ्यों और जांच के आधार को मजबूती से रखना चाहिए था।
छात्रों का कहना है कि वे करीब 26 दिनों तक धरना और भूख हड़ताल पर बैठे रहे। सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन को स्थगित किया गया था, लेकिन अब अदालत में सरकार की भूमिका को लेकर उनके मन में फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपने आश्वासनों पर ठोस कार्रवाई नहीं की और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में छात्रों की मांगों के अनुरूप प्रभावी पैरवी नहीं हुई, तो आंदोलन को दोबारा व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा। मंच ने 21 अगस्त के पुतला दहन को आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत बताया है।
छात्र नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर राज्यभर से छात्रों को रांची बुलाकर बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जा सकती है। ऐसे में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद अब सिर्फ भर्ती परीक्षाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच भरोसे की अगली बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।
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