मायावती ने तीसरी बार भतीजे आकाश आनंद को BSP से किया निष्कासित, दूसरे भतीजे ईशान आनंद को किया लॉन्च
Posted on September 10, 2026 by
BiharTalkies
News and Politics
आकाश आनंद पर मायावती का बड़ा एक्शन: बसपा से तीसरी बार बाहर, ईशान आनंद की बढ़ी सक्रियता
लखनऊ, 10 सितंबर 2026। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से एक बार फिर बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद हुई।
मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद पर पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की तुलना में व्यक्तिगत व पारिवारिक रिश्तों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने आकाश के रवैये को ‘डबल माइंड’ वाला बताते हुए उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।
पहले उत्तराधिकारी, फिर निष्कासन
आकाश आनंद को दिसंबर 2023 में मायावती ने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि 2024 में चुनावी भाषण को लेकर विवाद के बाद उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाने के साथ उत्तराधिकारी की घोषणा भी वापस ले ली गई थी। बाद में उन्हें पार्टी से बाहर किया गया, लेकिन खेद जताने के बाद उनकी वापसी हुई।
2025 में मायावती ने फिर उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर जैसी अहम जिम्मेदारी दी। अब एक बार फिर उनका निष्कासन कर दिया गया है।
अशोक सिद्धार्थ और सोशल मीडिया पोस्ट बना मुद्दा
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने को सही कदम बताया, लेकिन कहा कि यह फैसला पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आकाश ने अशोक सिद्धार्थ से जुड़ी उनकी पिछली सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया। मायावती ने इसे उनकी प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या वह परिवार को पार्टी से ऊपर रख रहे हैं।
ईशान आनंद की बढ़ी सक्रियता
आकाश के निष्कासन के साथ ही उनके छोटे भाई ईशान आनंद को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हाल के दिनों में पार्टी की गतिविधियों और बैठकों में उनकी मौजूदगी बढ़ी है। हालांकि मायावती ने अभी ईशान को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है।
2027 से पहले बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आकाश आनंद का निष्कासन बसपा के लिए बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है। जिस नेता को कभी पार्टी की अगली पीढ़ी का चेहरा और मायावती का उत्तराधिकारी माना जाता था, वही अब तीसरी बार पार्टी से बाहर हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आकाश आनंद का बसपा से यह अंतिम अलगाव होगा और क्या ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा? आने वाले दिनों में मायावती के फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।
लखनऊ, 10 सितंबर 2026। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से एक बार फिर बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद हुई।
मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद पर पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की तुलना में व्यक्तिगत व पारिवारिक रिश्तों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने आकाश के रवैये को ‘डबल माइंड’ वाला बताते हुए उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।
पहले उत्तराधिकारी, फिर निष्कासन
आकाश आनंद को दिसंबर 2023 में मायावती ने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था। हालांकि 2024 में चुनावी भाषण को लेकर विवाद के बाद उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाने के साथ उत्तराधिकारी की घोषणा भी वापस ले ली गई थी। बाद में उन्हें पार्टी से बाहर किया गया, लेकिन खेद जताने के बाद उनकी वापसी हुई।
2025 में मायावती ने फिर उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर जैसी अहम जिम्मेदारी दी। अब एक बार फिर उनका निष्कासन कर दिया गया है।
अशोक सिद्धार्थ और सोशल मीडिया पोस्ट बना मुद्दा
मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने को सही कदम बताया, लेकिन कहा कि यह फैसला पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आकाश ने अशोक सिद्धार्थ से जुड़ी उनकी पिछली सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया। मायावती ने इसे उनकी प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि क्या वह परिवार को पार्टी से ऊपर रख रहे हैं।
ईशान आनंद की बढ़ी सक्रियता
आकाश के निष्कासन के साथ ही उनके छोटे भाई ईशान आनंद को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हाल के दिनों में पार्टी की गतिविधियों और बैठकों में उनकी मौजूदगी बढ़ी है। हालांकि मायावती ने अभी ईशान को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है।
2027 से पहले बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आकाश आनंद का निष्कासन बसपा के लिए बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है। जिस नेता को कभी पार्टी की अगली पीढ़ी का चेहरा और मायावती का उत्तराधिकारी माना जाता था, वही अब तीसरी बार पार्टी से बाहर हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आकाश आनंद का बसपा से यह अंतिम अलगाव होगा और क्या ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा? आने वाले दिनों में मायावती के फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।
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