ममता का 635 करोड़ का खेल?
Posted on June 12, 2026 by
BiharTalkies
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ममता का 635 करोड़ का खेल?
बंगाल बिजनेस समिट के नाम पर जनता के पैसे को इवेंट कंपनी को देने पर शुभेन्दू अधिकारी ने उठाए सवाल, होगी जांच
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने दावा किया है कि ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (BGBS) के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को करीब 635 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेन्दू अधिकारी ने गंभीर सवाल उठाए हैं और जांच के आदेश दिए हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर एक बिजनेस समिट के आयोजन पर जनता के टैक्स का इतना बड़ा पैसा क्यों खर्च किया गया? यदि यह राशि वास्तव में किसी एक कंपनी को दी गई, तो उसके बदले राज्य को क्या लाभ मिला, इसकी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए।
विपक्ष का आरोप है कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के मंच से वर्षों तक निवेश और रोजगार के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन राज्य में उद्योगों और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम नहीं दिखाई दिए। अब 635 करोड़ रुपये के कथित भुगतान का मामला सामने आने के बाद इन दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आलोचकों का कहना है कि जिस राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां मौजूद हों, वहां किसी आयोजन पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो यह पश्चिम बंगाल के सबसे चर्चित आर्थिक विवादों में से एक बन सकता है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल ये आरोप जांच के दायरे में हैं। अभी तक किसी अदालत या जांच एजेंसी ने किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को सिद्ध नहीं किया है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
अब जनता की नजर जांच पर है। सवाल सिर्फ 635 करोड़ रुपये का नहीं, बल्कि जनता के धन की जवाबदेही और पारदर्शिता का भी है।
#MamtaBanerjee #ShubhenduAdhikari #bjp #tmc
बंगाल बिजनेस समिट के नाम पर जनता के पैसे को इवेंट कंपनी को देने पर शुभेन्दू अधिकारी ने उठाए सवाल, होगी जांच
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने दावा किया है कि ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल में आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट (BGBS) के लिए एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को करीब 635 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेन्दू अधिकारी ने गंभीर सवाल उठाए हैं और जांच के आदेश दिए हैं।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि आखिर एक बिजनेस समिट के आयोजन पर जनता के टैक्स का इतना बड़ा पैसा क्यों खर्च किया गया? यदि यह राशि वास्तव में किसी एक कंपनी को दी गई, तो उसके बदले राज्य को क्या लाभ मिला, इसकी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए।
विपक्ष का आरोप है कि बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के मंच से वर्षों तक निवेश और रोजगार के बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन राज्य में उद्योगों और रोजगार के क्षेत्र में अपेक्षित परिणाम नहीं दिखाई दिए। अब 635 करोड़ रुपये के कथित भुगतान का मामला सामने आने के बाद इन दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आलोचकों का कहना है कि जिस राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की चुनौतियां मौजूद हों, वहां किसी आयोजन पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है, तो यह पश्चिम बंगाल के सबसे चर्चित आर्थिक विवादों में से एक बन सकता है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल ये आरोप जांच के दायरे में हैं। अभी तक किसी अदालत या जांच एजेंसी ने किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को सिद्ध नहीं किया है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
अब जनता की नजर जांच पर है। सवाल सिर्फ 635 करोड़ रुपये का नहीं, बल्कि जनता के धन की जवाबदेही और पारदर्शिता का भी है।
#MamtaBanerjee #ShubhenduAdhikari #bjp #tmc
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