Breaking

बिहार से मध्य प्रदेश पहुंची ‘डस्टबिन घोटाले’ की गाड़ी! सरकारी खजाने पर डाका? ₹1 लाख का डस्टबिन! ₹5 क

Posted on October 26, 2026 by BiharTalkies
News and Politics
बिहार से मध्य प्रदेश पहुंची ‘डस्टबिन घोटाले’ की गाड़ी! सरकारी खजाने पर डाका?  ₹1 लाख का डस्टबिन! ₹5 क
बिहार से मध्य प्रदेश तक सरकारी खरीद पर सवाल! ₹1 लाख का डस्टबिन, ₹5 का फिनाइल ₹33,500 में और ₹306 की LED ₹11,800 में! ₹1,134 करोड़ के खर्च का हिसाब कौन देगा?

‘न खाऊँगा, न खाने दूँगा’ के नारे पर सवाल! बिहार में डस्टबिन की महंगी खरीद से लेकर मध्य प्रदेश में फिनाइल और LED की दरों में भारी अंतर तक, सरकारी खरीद की पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठे गंभीर सवाल।

पटना/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चर्चित नारा है—‘न खाऊँगा, न खाने दूँगा।’ लेकिन जब सरकारी खरीद में कीमतों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो सरकारों से जवाब माँगना भी जरूरी हो जाता है। बिहार में सरकारी अस्पतालों के डस्टबिन की खरीद को लेकर विवाद है, तो मध्य प्रदेश में नगरीय निकायों की खरीद में सामने आए असाधारण मूल्य-अंतर ने सरकारी निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं। दोनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों में जनता के पैसे के इस्तेमाल का हिसाब माँगने की जरूरत है।

बिहार: डस्टबिन खरीद पर मंगल पांडे से जवाबदेही के सवाल

बिहार में सरकारी अस्पतालों के लिए माइक्रोवेव डस्टबिन और बायोडिग्रेडेबल बैग की खरीद में कथित अनियमितताओं का मामला पटना हाईकोर्ट तक पहुँच चुका है। याचिका में आरोप लगाया गया कि करीब ₹29 करोड़ की बताई गई वस्तुओं की खरीद लगभग ₹307 करोड़ में हुई। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब माँगा है।

यह खरीद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के कार्यकाल में हुई थी। ऐसे में उनसे जुड़े विभाग की निगरानी और खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सवाल यह है कि खरीद की कीमतें किस आधार पर तय हुईं? क्या बाजार दरों और तकनीकी मानकों की तुलना की गई? सरकार टेंडर, भुगतान और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करती?

मध्य प्रदेश: ₹5 का फिनाइल ₹33,500 में, ₹306 की LED ₹11,800 में!

मध्य प्रदेश में सरकारी खरीद का विश्लेषण और भी चौंकाने वाले आँकड़े सामने लाया है।

- फिनाइल: एक नगरीय निकाय में ₹5 प्रति लीटर, जबकि दूसरे में ₹33,500 की दर दर्ज की गई।
- LED लाइट: 60 वॉट की LED एक जगह ₹306 में, जबकि भोपाल में ₹11,800 में खरीदी गई।
- कुल खरीद: 374 नगरीय निकायों ने तीन वर्षों में GeM पोर्टल के माध्यम से लगभग ₹1,134 करोड़ खर्च किए।
- संभावित बचत: औसत दरों पर खरीद होती तो करीब ₹250 करोड़ बचने का अनुमान लगाया गया।

इन आँकड़ों ने मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के अधीन सरकारी खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले में लोकायुक्त की जाँच शुरू होने की रिपोर्ट भी सामने आई है।

मोदी के नारे पर सवाल: जवाबदेही सिर्फ विपक्ष से क्यों?

जब प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प जताते हैं, तो जनता को यह उम्मीद भी रहती है कि सरकारी खरीद में गड़बड़ी की आशंका सामने आने पर निष्पक्ष जाँच होगी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।

बिहार में मंगल पांडे के कार्यकाल में हुई खरीद पर उठे सवाल हों या मध्य प्रदेश में सरकारी सामान की कीमतों का असाधारण अंतर—दोनों मामलों में सरकारों को तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए।

क्या ‘न खाऊँगा, न खाने दूँगा’ का संकल्प सरकारी खरीद की हर फाइल पर भी लागू होगा? क्या जनता को केवल नारे मिलेंगे या खरीद की प्रक्रिया और खर्च का पूरा हिसाब भी मिलेगा?

जनता के पैसे का हिसाब जरूरी

बिहार और मध्य प्रदेश के मामले अलग हैं और दोनों में आरोपों तथा उपलब्ध तथ्यों की स्थिति भी अलग-अलग है। लेकिन लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार जनता के पास है।

बिहार सरकार को अदालत में खरीद से जुड़े आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। मध्य प्रदेश में कीमतों के अंतर की निष्पक्ष जाँच कर उसके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

नारा भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो कार्रवाई भी पारदर्शी होनी चाहिए। सरकारी खजाना जनता का है—उसके हर रुपये का हिसाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
Search
Recent Posts
1
बिहार से मध्य प्रदेश पहुंची ‘डस्टबिन घोटाले’ की गाड़ी! सरकारी खजाने पर डाका? ₹1 लाख का डस्टबिन! ₹5 क
2
“अब नीतीश खत्म हो चुके हैं और उनकी पार्टी भी खत्म हो चुकी है। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, हम अपनी पार�
3
श्रद्धा दुबे नागपुर से गिरफ्तार, UP STF नींद से उठा लाई. बहन और ड्राइवर दानिश भी पकड़े गए
4
कौन है अनिल पंडित? टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा, Salman Khan के साथ काम करने वाले सित�
5
तो क्या नीतीश कुमार अपने लिए अनंत सिंह से करवाते थे मर्डर? JDU विधायक का दावा—“नीतीश कुछ नहीं थे, इधर
6
मायावती ने तीसरी बार भतीजे आकाश आनंद को BSP से किया निष्कासित, दूसरे भतीजे ईशान आनंद को किया लॉन्च
7
Nana Patekar और नीतू कपूर की शादी का सच: सोशल मीडिया पर वायरल दावे ने मचाई हलचल, जानिए क्या है हकीकत
8
‘भारत में वेश्यावृत्ति लीगल करो’— Poonam Pandey के बयान से मचा बवाल, एडल्ट वीडियो को बताया सोशल सर्विस! बो�
9
भाजपा नेत्री की 'कागजी' पार्टी के खाते में उड़कर आए ₹620 करोड़: BJP प्रदेश उपाध्यक्ष ने वकील पर फोड़ा भ�
10
आठ High Court को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति ने दी नियुक्तियों को मंजूरी
Facebook