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होमगार्ड बहाली में 45 चयन संदिग्ध मिले, मुख्य दोषी कमांडेंट अखिलेश कुमार ठाकुर सस्पेंड. वसूली में �

Posted on March 10, 2026 by BiharTalkies
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होमगार्ड बहाली में 45 चयन संदिग्ध मिले, मुख्य दोषी कमांडेंट अखिलेश कुमार ठाकुर सस्पेंड. वसूली में �
होमगार्ड बहाली में 45 चयन संदिग्ध मिले, मुख्य दोषी कमांडेंट अखिलेश कुमार ठाकुर सस्पेंड. वसूली में संलिप्त सिपाही होगा बर्खास्त.

बिहार के बेगूसराय जिले में होमगार्ड (गृह रक्षक) बहाली प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितता सामने आया है। उच्चस्तरीय जांच कमेटी की जांच में कमांडेंट अखिलेश कुमार ठाकुर को दोषी पाते हुए, सूची रद्द कर चयन समिति की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया गया है। 419 होमगार्ड जवानों की बहाली के लिए जारी मेधा सूची की जांच में 45 अभ्यर्थियों के चयन में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं। इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि जांच रिपोर्ट में जिला चयन समिति की भूमिका को भी संदिग्ध बताया गया है, लेकिन अब तक कार्रवाई सीमित ही रही है।

कमांडेंट अखिलेश कुमार मुख्य दोषी

जांच रिपोर्ट में जिला समादेष्टा (कमांडेंट) अखिलेश कुमार ठाकुर को अनियमितताओं के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया। कमांडेंट ने होमगार्ड अभ्यर्थी से मेधा सूची में चयन के नाम पर उम्मीदवारों से वसूली के लिए होमगार्ड विपिन कुमार को अपने कार्यालय में प्रतिनियुक्ति किया था। वसूली के खेल में विपिन कुमार के खिलाफ ठोस सबूत मिला है। उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत को देखते हुए मुकदमा दर्ज करने तथा सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की गई। रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने कमांडेंट के खिलाफ कारवाई करते हुए विवादित मेधा सूची को निरस्त कर दिया गया। 3 मार्च को डीजीपी (होमगार्ड) ने बेगूसराय के जिला समादेष्टा को नए सिरे से जिला होमगार्ड चयन समिति बना कर स्वच्छ तरीके से 15 मार्च से शारीरिक और चिकित्सीय परीक्षा लेने का पत्र जारी किया है।

बाकी सदस्यों पर कार्रवाई नहीं

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इतनी बड़ी अनियमितताएं जिला चयन समिति की जानकारी के बिना संभव नहीं थीं। जिला होमगार्ड चयन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं, जबकि पुलिस अधीक्षक व जिला कल्याण पदाधिकारी सदस्य और कमांडेंट (होमगार्ड) इसके सदस्य सचिव होते हैं। नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इसी समिति पर थी। इसके बावजूद रिपोर्ट में समिति की भूमिका संदिग्ध बताए जाने के बाद भी डीएम, एसपी और अन्य सदस्य के खिलाफ कार्रवाई के बिंदु पर जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में चुप्पी साध लिया।

तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति ने सौंपी रिपोर्ट

जांच समिति में गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार को अध्यक्ष बनाया गया था। समिति में विशेष सचिव के. सुहिता अनुपम और उप महासमादेष्टा (मुख्यालय) सुनील कुमार नायक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। समिति ने बहाली प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और अभ्यर्थियों की शिकायतों की पड़ताल की। जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी।
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