बिहार के बक्सरमें 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर और 15 केवी के जेनरेटर चोरी। सकते में पुलिस
Posted on June 12, 2026 by
BiharTalkies
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बिहार के बक्सरमें 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर और 15 केवी के जेनरेटर चोरी। सकते में पुलिस।
बक्सर टॉवर चोरी: क्या यह सिर्फ चोरी है या प्रशासनिक विफलता?
बिहार के बक्सर में 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर, 15 केवी जनरेटर और अन्य उपकरणों के गायब होने की घटना ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार यह टॉवर डुमरांव के रिहायशी इलाके में स्थित था और नगर थाना से भी अधिक दूर नहीं था, फिर भी इतने बड़े ढांचे को हटाए जाने की भनक किसी को नहीं लगी।
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर है। यदि 132 फीट ऊंचे लोहे के टॉवर को हटाया गया, तो यह काम एक-दो घंटे में नहीं हुआ होगा। भारी मशीनों, मजदूरों और वाहनों की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में स्थानीय पुलिस, खुफिया तंत्र और प्रशासन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि इतने बड़े पैमाने की गतिविधि बिना किसी जांच-पड़ताल के हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा?
राज्य सरकार भी इस मामले में सवालों से बच नहीं सकती। बिहार में इससे पहले भी मोबाइल टॉवर चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 2022 में पटना में एक मोबाइल टॉवर को कथित तौर पर फर्जी अधिकारियों द्वारा काटकर ले जाया गया था, जबकि 2023 में मुजफ्फरपुर में भी इसी तरह की घटना दर्ज हुई थी। इसके बावजूद यदि ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं, तो यह प्रशासनिक सुधारों की कमी और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को दर्शाता है।
विपक्ष निश्चित रूप से इस मामले को सरकार की विफलता के रूप में पेश करेगा। जनता यह जानना चाहती है कि जब एक विशाल टॉवर सुरक्षित नहीं रह सका, तो छोटे व्यवसायों, दुकानों और आम लोगों की संपत्ति कितनी सुरक्षित है। यह घटना केवल चोरी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था, पुलिस गश्त और प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन गई है।
हालांकि निष्पक्ष दृष्टिकोण से यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि अभी जांच जारी है और पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। बक्सर पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
लेकिन जब तक इस मामले का खुलासा नहीं होता, तब तक जनता के मन में एक ही सवाल रहेगा—आखिर 132 फीट ऊंचा टॉवर गायब कैसे हो गया और प्रशासन को इसकी खबर तक क्यों नहीं लगी?
#BiharNews #Buxar #Corruption #MobileTower #SamratChoudhary #BiharPolice
बक्सर टॉवर चोरी: क्या यह सिर्फ चोरी है या प्रशासनिक विफलता?
बिहार के बक्सर में 132 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर, 15 केवी जनरेटर और अन्य उपकरणों के गायब होने की घटना ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार यह टॉवर डुमरांव के रिहायशी इलाके में स्थित था और नगर थाना से भी अधिक दूर नहीं था, फिर भी इतने बड़े ढांचे को हटाए जाने की भनक किसी को नहीं लगी।
सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर है। यदि 132 फीट ऊंचे लोहे के टॉवर को हटाया गया, तो यह काम एक-दो घंटे में नहीं हुआ होगा। भारी मशीनों, मजदूरों और वाहनों की जरूरत पड़ी होगी। ऐसे में स्थानीय पुलिस, खुफिया तंत्र और प्रशासन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यदि इतने बड़े पैमाने की गतिविधि बिना किसी जांच-पड़ताल के हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा?
राज्य सरकार भी इस मामले में सवालों से बच नहीं सकती। बिहार में इससे पहले भी मोबाइल टॉवर चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 2022 में पटना में एक मोबाइल टॉवर को कथित तौर पर फर्जी अधिकारियों द्वारा काटकर ले जाया गया था, जबकि 2023 में मुजफ्फरपुर में भी इसी तरह की घटना दर्ज हुई थी। इसके बावजूद यदि ऐसी घटनाएं दोहराई जा रही हैं, तो यह प्रशासनिक सुधारों की कमी और अपराधियों के बढ़ते मनोबल को दर्शाता है।
विपक्ष निश्चित रूप से इस मामले को सरकार की विफलता के रूप में पेश करेगा। जनता यह जानना चाहती है कि जब एक विशाल टॉवर सुरक्षित नहीं रह सका, तो छोटे व्यवसायों, दुकानों और आम लोगों की संपत्ति कितनी सुरक्षित है। यह घटना केवल चोरी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था, पुलिस गश्त और प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन गई है।
हालांकि निष्पक्ष दृष्टिकोण से यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि अभी जांच जारी है और पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। बक्सर पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
लेकिन जब तक इस मामले का खुलासा नहीं होता, तब तक जनता के मन में एक ही सवाल रहेगा—आखिर 132 फीट ऊंचा टॉवर गायब कैसे हो गया और प्रशासन को इसकी खबर तक क्यों नहीं लगी?
#BiharNews #Buxar #Corruption #MobileTower #SamratChoudhary #BiharPolice
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