"मैं रात भर रोती रही, शुभेंदु मेरे साथ थे..." — महुआ मोइत्रा
Posted on June 25, 2026 by
BiharTalkies
News and Politics
"मैं रात भर रोती रही, शुभेंदु मेरे साथ थे..." — महुआ मोइत्रा के बयान से बंगाल की राजनीति में मची हलचल
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ सांसद महुआ मोइत्रा के एक भावुक बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। महुआ ने एक इंटरव्यू में अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें 2014 में लोकसभा का टिकट नहीं मिला था, तब वह पूरी रात रोती रहीं और उस कठिन दौर में शुभेंदु अधिकारी उनके साथ खड़े रहे।
महुआ मोइत्रा ने कहा, "मैं पूरी रात रोती रही थी। उस समय शुभेंदु ने मुझे संभाला और हिम्मत दी। हमारे बीच व्यक्तिगत स्तर पर बहुत अच्छे संबंध रहे हैं।" महुआ ने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में मतभेद होने के बावजूद वह शुभेंदु द्वारा दिए गए सहयोग को नहीं भूल सकतीं।
महुआ के इस बयान ने ऐसे समय में राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, जब बंगाल की राजनीति में दल-बदल और अंदरूनी खींचतान की चर्चा जोरों पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महुआ का यह बयान टीएमसी और भाजपा के बीच बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे सकता है।
हालांकि, बयान के वायरल होने के बाद महुआ मोइत्रा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पूरे इंटरव्यू में से केवल "मसालेदार" हिस्सों को चुनकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बयान को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय पूरे संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
फिलहाल, महुआ मोइत्रा के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ सांसद महुआ मोइत्रा के एक भावुक बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। महुआ ने एक इंटरव्यू में अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें 2014 में लोकसभा का टिकट नहीं मिला था, तब वह पूरी रात रोती रहीं और उस कठिन दौर में शुभेंदु अधिकारी उनके साथ खड़े रहे।
महुआ मोइत्रा ने कहा, "मैं पूरी रात रोती रही थी। उस समय शुभेंदु ने मुझे संभाला और हिम्मत दी। हमारे बीच व्यक्तिगत स्तर पर बहुत अच्छे संबंध रहे हैं।" महुआ ने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में मतभेद होने के बावजूद वह शुभेंदु द्वारा दिए गए सहयोग को नहीं भूल सकतीं।
महुआ के इस बयान ने ऐसे समय में राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, जब बंगाल की राजनीति में दल-बदल और अंदरूनी खींचतान की चर्चा जोरों पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महुआ का यह बयान टीएमसी और भाजपा के बीच बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे सकता है।
हालांकि, बयान के वायरल होने के बाद महुआ मोइत्रा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पूरे इंटरव्यू में से केवल "मसालेदार" हिस्सों को चुनकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके बयान को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय पूरे संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
फिलहाल, महुआ मोइत्रा के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
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